Tuesday, January 18, 2022
Home Business Dhanteras पर करें सोने की खरीदारी, जानें Gold में निवेश के स्मार्ट...

Dhanteras पर करें सोने की खरीदारी, जानें Gold में निवेश के स्मार्ट तरीके


Gold Investment Plans: सोने को महिलाओं का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है. यह एक ऐसी संपत्ति है जिसे भारत में बहुत शुभ माना जाता है. सोना न केवल एक महिला को और अधिक सुंदर बनाता है बल्कि बुरे समय में मददगार साबित होता है.

अपनी समृद्धि को दर्शाने के लिए भी सोने का इस्तेमाल किया जाता है. हमारे यहां सोना बेचना अशुभ माना जाता है. फिर भी यह ऐसी सम्पत्ति होती है, जो आड़े वक्त काम आती है. क्योंकि इसे बाजार से तुरंत भुनाया जा सकता है. यह कहना आसान है कि आड़े वक्त में सोने को बेचकर काम निकाल लिया जाता है, लेकिन इसे लागू करना मुश्किल है क्योंकि सोने के गहनों से महिलाओं की बहुत सारी भावनाएं जुड़ी होती हैं.

सोने के गहने परिवार की परंपरा और बड़े-बूढ़ों की निशानी के तौर पर भी आने वाली पीढ़ियों को ट्रांसफर होता रहता है. इसलिए सोने की किसी भी वस्तु को बेचना किसी भी परिवार के लिए बड़ी मुश्किल घड़ी होती है.

इन बातों को रखते हुए आज सोने के कई रूप हमारे सामने आ चुके हैं. इलेक्ट्रॉनिक-गोल्ड (ई-गोल्ड), गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (Gold ETF) और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bond Scheme) योजना बाजार में मौजूद हैं.

धन-समृ्द्धि के पर्व धनतेरस (Dhanteras 2021) पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है. इस धनतेरस पर पर्सनल फाइनेंस एडवाइजर ममता गोदियाल (Mamta Godiyal) सोने में निवेश के तरीके और उससे जुड़े फायदों के बारे में विस्तार से बता रही हैं.

घरेलू महिलाएं भी बन सकती हैं अच्छी निवेशक, इन्वेस्टमेंट की आदत से बनेगी बात

वर्ष 2007 में गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) पेश किए गए और ई-गोल्ड 2010 से अस्तित्व में आया. चूंकि ये सोने के इलेक्ट्रॉनिक हैं, इसलिए इन्हें निवेशकों द्वारा अधिक पसंद किया जाता है. ई-गोल्ड से निवेशक की कोई भावना जुड़ी नहीं होती है और ना ही इसे रखने के लिए किसी तिजोरी या बैंक में लॉकर की जरूरत होती है.

आइए समझते हैं कि गोल्ड ईटीएफ और ई-गोल्ड (E Gold) क्या है और कौन सा बेहतर है-

गोल्ड ईटीएफ
ममता गोदियाल (Financial planner Mamta Godiyal) के अनुसार, गोल्ड ईटीएफ सोने में निवेश के सबसे लोकप्रिय तरीका है. गोल्ड ईटीएफ का मतलब है कि आप बिना एंट्री और एग्जिट लोड के इलेक्ट्रॉनिक रूप में सोना खरीद रहे हैं. ईटीएफ धातु सोने का प्रतिनिधित्व करने वाली इकाइयां हैं जो कागज या डीमैट रूप में हो सकती हैं.

सही प्लानिंग से कंट्रोल करें खर्चे, अपनाएं बचत के घरेलू नुस्खे, बनाएं इनवेस्टमेंट प्लान

गोल्ड ईटीएफ की कीमतें (Gold ETF Rate) बीएसई/एनएसई की वेबसाइट पर सूचीबद्ध हैं और स्टॉक ब्रोकर के माध्यम से कभी भी खरीदा या बेचा जा सकता है. आपको इसके लिए डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट की जरूरत होती है.

यहां एक गोल्ड ईटीएफ यूनिट 1 ग्राम सोने के बराबर है. इसमें सोने की कीमत 99.5 फीसदी शुद्धता वाले भौतिक सोने की होती हैं. गोल्ड ईटीएफ से होने वाली आमदनी को दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ के रूप में माना जाता है. गोल्ड ईटीएफ सोने की कीमत को प्रभावित करने वाले बाजार जोखिमों के अधीन हैं.

गोल्ड ईटीएफ में निवेश से पहले ध्यान रखें ये बातें
फाइनेंशियल एक्सपर्ट ममता गोदियाल कहती हैं कि गोल्ड ईटीएफ में निवेश (Gold ETF Investment) से पहले हमें कुछ बेसिक बातों का ध्यान रखना चाहिएत. जैसे- केवल कम फीस के आधार पर गोल्ड ईटीएफ उत्पाद या फंड मैनेजर का चयन न करें. फंड मैनेजर खातों को कितनी अच्छी तरह से हैंडल करते हैं, इसका अंदाजा लगाने के लिए उस फंड हाउस के पिछले कुछ वर्षों का प्रदर्शन देखना चाहिए.

गोल्ड ईटीएफ की खरीद-फरोख्त से पहले सोने की कीमतों के रुझान पर नजर रखें। स्टॉक की तरह ही, आप गोल्ड ईटीएफ को कम कीमतों पर खरीदना और कीमतें बढ़ने पर बेच सकते हैं.

ई-गोल्ड क्या है
ममता गोदियाल ई-गोल्ड के बारे में कहती हैं कि ई-गोल्ड नेशनल स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनएसईएल) द्वारा लॉन्च किया गया एक अनूठा स्वर्ण निवेश उत्पाद है.

Personal Finance: साठ के बाद भी बने रहेंगे ठाट, अपनाएं इन्वेस्टमेंट के स्मार्ट टिप्स

आप ई-गोल्ड को खरीद, होल्ड और बेच सकते हैं. आप ई-गोल्ड को सोने के सिक्के या गोल्ड बार में आराम से बदल सकते हैं. ई-गोल्ड के मामले में, निवेशक केवल सोने के लिए भुगतान करता है, न कि संबंधित लागत का.

ई-गोल्ड में इन बातों का रखें ध्यान
गोल्ड ईटीएफ और ई-गोल्ड, दोनों को फिजिकल गोल्ड में बदला जा सकता है, लेकिन प्रत्येक के लिए न्यूनतम मात्रा अलग-अलग होती है.

आप ई-गोल्ड को भौतिक सोने में बदलवा सकते हैं. इसकी न्यूनतम मात्रा 8 ग्राम है जबकि एएमसी गोल्ड ईटीएफ इकाइयों को ‘क्रिएशन यूनिट’ आकार में भौतिक सोने के रूप में भुनाने की अनुमति देता है.

Dhanteras 2021: धन-समृद्धि और आरोग्य के लिए करें कुबेर तथा धन्वन्तरि की पूजा

ई-गोल्ड की तुलना में गोल्ड ईटीएफ एक महंगा विकल्प हो सकता है, क्योंकि इसके लेन-देन में आपको अलग से फीस भी देनी होती है.

गोल्ड ईटीएफ और ई-गोल्ड उन निवेशकों के लिए अच्छा विकल्प हैं जो सोने में निवेश करना चाहते हैं, लेकिन उसे सुरक्षित रखने या उसकी शुद्धता के बारे में संदेह के कारण खरीदते नहीं हैं.

ई गोल्ड में आपको कोई प्रीमियम या मेकिंग चार्ज नहीं देना होता है. ई-गोल्ड में आप एक ग्राम सोना भी खरीद सकते हैं.

फाइनेंशियल एडवाइजर होने के नाते ममता गोदियाल निवेशकों को सलाह देती हैं कि किसी भी निवेशक के निवेश पोर्टफोलियो में सोने में लगभग 10 -20 फीसदी होना चाहिए. यह पोर्टफोलियो में विविधता लाने में मदद करेगा.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

.



Source link

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments